आज का संदेश
जीवन की रणभूमि में विजय प्राप्त करने के लिए जितनी आवश्यकता संसाधनों की होती है, उससे भी कई अधिक भूमिका आत्मबल की होती है।संसाधनों की कमी से जीवन में हार नहीं मिलती अपितु आत्मबल अथवा आत्मविश्वास की कमी ही जीवन में पराजय का प्रमुख कारण होती है।
जिसका मन हार जाता है फिर चाहे दुनिया के कितने भी साधन और शक्ति उसके पास क्यों न हो वह जरूर पराजित होता है। निश्चित ही मन के हारे हार है और मन के जीते जीत है। कुछ न होते हुए भी जिसका मनोबल बना हुआ है वह देर से ही सही पर एक न एक दिन विजयी अवश्य होता है।
इंसान की वास्तविक ताकत तो उसका स्वयं का आत्मबल ही है। मन से कभी भी हार मत मानना, नहीं तो आसान सा जीवन भी कठिन हो जाएगा। जिसके पास मनोबल है, उसकी विजय भी निश्चित है।
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