आज का संदेश
जब आप इस संसार में आए थे, इस पृथ्वी पर आप ने जन्म लिया था, तब आप अपने साथ कुछ भी नहीं लाए थे और जब इस संसार से जाएंगे, तब भी आप कुछ भी अपने साथ नहीं ले जाएंगे। सब जमीन मकान बंगला कार संपत्ति रुपया पैसा बेटा/बेटी, पति/पत्नी, परिवार सब यहीं छोड़कर जाएंगे, तो फिर क्यों भ्रांति में जी रहे हैं, कि यह मेरा है, यह मेरी है
सत्य तो यह है कि आपने पूर्व जन्मों में कुछ पुरुषार्थ किया, जिसके कारण आपको इस जन्म में पैदा होते ही ईश्वर ने कुछ चीजें दे दीं। माता-पिता परिवार खाने पीने की सुविधाएं इत्यादि. फिर चार-पांच वर्ष की आयु में अपने स्कूल में पढ़ाई शुरू की और कुछ पढ़ लिखकर विद्या प्राप्त की, फिर आपने धन कमाया, मकान बनाया, कार खरीदी, खाना-पीना घूमना फिरना सारे काम किए, यह सारी संपत्ति आपने यहीं पर ही प्राप्त की इनकी प्राप्ति में सिर्फ थोड़ा सा पुरुषार्थ ही आपका है। बाकी संपत्तियां आपने सब यहीं से ली हैं और जब संसार छोड़कर जाएंगे, तब भी यहीं छोड़कर ही जाएंगे, इसलिए आपका कुछ नहीं है।
आप कभी-कभी किसी धर्मशाला में होटल में या किसी मित्र रिश्तेदार के घर पर जाते हैं और अतिथि बनकर रहते हैं। दो-चार दिन रहते हैं। फिर वापस अपने घर आ जाते हैं। वहां सदा नहीं रहते, इसी प्रकार से आपने इस पृथ्वी पर जन्म लिया है। यहाँ पर कुछ लंबा समय रहेंगे. 70, 80 या 90 वर्ष सदा तो यहां भी नहीं रहेंगे, उसी प्रकार से अतिथि बनकर फिर यहां से प्रस्थान करेंगे।
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